
इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड के लिए आर-पार के मूड में राजस्थान के इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक
बीकानेर। पूरे भारत में राजस्थान वह पहला राज्य है जहां इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों के अथक प्रयासों से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को वर्ष 2018 में मान्यता मिली। भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड बनाने के निर्णय पर मुहर लगा कर इलेक्ट्रोपैथी जगत में भागीरथी का कार्य किया परंतु वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों को नजर अंदाज किया जा रहा है जिसके विरोध में राज्य के सभी जिला कलेक्टर के माध्यम से 20 दिन के अल्टीमेटम के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद जिला सचिव (बीकानेर) डॉ. सूरजभान जांगिड़ ने बताया कि वर्तमान राजस्थान सरकार द्वारा इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों साथ की जा रही नजरअंदाजी को अब और नहीं सहा जाएगा। सभी जिलों में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को 20 दिन के अल्टीमेटम के साथ ज्ञापन सौंपा जाएगा अगर फिर भी सरकार द्वारा सुनवाई नहीं हुई तो हमें उग्र आंदोलन की तरफ रुख करना पड़ेगा।




