
इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों ने शहीद स्मारक पर दिया धरना

राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा बोर्ड का गठन करवाने के लिए दिया है धरना
राजस्थान के इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों के द्वारा पिछले 5 सालों में लगातार मांग किए जाने के बावजूद राजस्थान सरकार इलेक्ट्रॉपेथी चिकित्सा बोर्ड का गठन नहीं कर रही है इसी विरोध में दिनांक 16.09.2023 शनिवार को शहीद स्मारक जयपुर पर प्रदेश के इलेक्टोपैथी चिकित्सकों द्वारा धरना दिया गया । धरना प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों ने सरकार के सामने इलेक्टोपैथी बोर्ड गठन करने ,बोर्ड के रजिस्ट्रार की नियुक्ति पुनः करने ,सरकार द्वारा आवंटित बोर्ड कार्यालय का सुचारू संचालन करने , इलेक्टोपैथी चिकित्सकों का पंजीयन प्रारंभ करने, इलेक्ट्रोपैथी शिक्षा हेतु महाविद्यालय संचालन, अनुसंधान हेतु इलेक्टोपैथी रिसर्च सेंटर की स्थापना एवं जनता को सुविधा मिल सके इसलिए सरकार द्वारा इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सालय खोले जाने तथा विधानसभा में उठने वाले प्रश्नों के गलत तथ्यों के आधार पर उत्तर बनाने वाले विभाग के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो सहित आठ सूत्री मांगे रखी । इसी धरने में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष हेमंत सेठिया जी ने जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्टोपैथी बोर्ड गठन किए जाने से राज्य में इस चिकित्सा पद्धति का विकास होगा और इससे जनता को सरल सुरक्षित एवं सस्ती चिकित्सा मिलेगी आज दुनिया भर में हर्बल दावों से उपचार का प्रचलन बढ़ा है क्योंकि जीवन शैली जनित बढ़ते हुए रोगों में हर्बल दवाई कारगर पाई जा रही है । इसके बावजूद भी राजस्थान सरकार इस विषय पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है। सरकार को भी विचार करना चाहिए कि बढ़ते हुए रक्तचाप, डायबिटीज ,थाइरॉएड ,मोटापा ,मानसिक रोग एवं हार्मोन संबंधी रोगों के उपचार में इलेक्टोपैथी चिकित्सा सहायक हो रही है तो इसे बढ़ावा क्यों नहीं देना चाहिए ?
जबकि यह एक पूर्ण रूपेण हर्बल एवं हानि रहित चिकित्सा पद्धति है ।धरने के दौरान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक हेमंत सेठिया जी ,सूरजभान जांगिड़ ,विक्रम शर्मा, गोविंद लाल सैनी आदि सभी राजस्थान चिकित्सकों ने अपना विचार रखते हुए कहा कि पिछले 5 साल से राजस्थान सरकार से इलेक्टोपैथी बोर्ड गठन की मांग की जा रही है जिसका अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है।
इसी कारण राजस्थान चिकित्सकों को इस धरने पर बैठना पड़ रहा है अतः सरकार से अनुरोध है की इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा बोर्ड का गठन जल्द से जल्द करें ।




