Featured आलेख

सावन में महादेव की आराधना होगी फलदायक- पं.अभयचंद्र व्यास

टाइम्स ऑफ़ समाचार

बीकानेर। सावन का महीना शुरू हो चुका है. यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान प्रति दिन भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. सावन के महीने में रुद्राभिषेक कराने का भी खास महत्व माना गया है. ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है. जीवन में खुशहाली आती है और आरोग्य का वरदान मिलता है. पौराणिक मान्यता है कि यदि कुंवारी कन्याएं सावन के महीने में विधि पूर्वक शिव जी का पूजन करती हैं तो उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति होती है.

शिव जी की कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का दिन सर्वोत्‍तम माना गया है. इस दिन पूरे विधि-विधान से की गई पूजा और शिव जी को उनकी प्रिय चीजें अर्पित करना विशेष कृपा दिलाएगा. सावन सोमवार को भगवान शिव को कच्चा दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि पंचामृत अर्पित करें. ऐसा करने से अच्‍छी सेहत, सौभाग्‍य, समृद्धि मिलती है. इसके अलावा भोलेनाथ को भांग, शक्‍कर, केसर, चंदन, बेल पत्र, धतूरा, अक्षत और भस्‍म अर्पित करें. शिव जी को रुद्राक्ष अर्पित करना और सावन महीने में रुद्राक्ष धारण करना जिंदगी में तेजी से सकारात्‍मक असर डालता है. इसके अलावा शिव जी को शमी के पत्ते, इत्र, गन्ने का रस, पान का पत्ता, लौंग, इलायची, फल, कपूर, धूप, दीप, कनेर के फूल अर्पित करने चाहिए. भोलेनाथ को ये चीजें अर्पित करने से जीवन में हर सुख मिलता है.

सावन मास आरंभ- 14 जुलाई 2022, दिन गुरुवार
सावन प्रथम सोमवारी – 18 जुलाई 2022, सोमवार
सावन दूसरी सोमवारी- 25 जुलाई 2022, सोमवार
सावन तीसरी सोमवारी- 01 अगस्त 2022 सोमवार
सावन चौथी सोमवारी- 08 अगस्त 2022, सोमवार
सावन मास का अंतिम दिन – 12 अगस्त 2022, शुक्रवार

— पं. अभय चंद्र व्यास

Leave a Reply

Your email address will not be published.