ज्योतिष

श्रावण पूर्णिमा 11 अगस्त गुरुवार को, रक्षाबंधन का यह रहेगा शुभ मुहूर्त

श्रावण पूर्णिमा 11 अगस्त गुरुवार को

विभिन्न लोगो का कहना है उस दिन ज्योतिष अनुसार भद्रा है,जो कि अशुभ है।पंडित अभय चन्द्र व्यास ने बताया कि 11 अगस्त 2022 को सम्पूर्ण दिन चन्द्रमा मकर राशि मे रहेगा, एवं चंद्रमा के मकर राशि मे होने से भद्रा का वास इस दिन पाताल लोक में रहेगा। पाताल लोक में भद्रा के रहने से हमेशा यह शुभ फलदायी रहेगी। इसलिये पूरे दिन सभी लोग अपनी सुविधानुसार अच्छे चौघड़िए और होरा के अनुसार राखी बांधकर यह त्यौहार मना सकते है।
भद्रा जिस लोक में रहती है वही प्रभाव रहती है।
11 अगस्त को 10.38 प्रातःकाल में पूर्णिमा तिथि लगने के उपरांत ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार जिनमे मुहूर्त चिंतामणि, निर्णय सागर पंचाग आदि के अनुसार भद्रा का पाताल लोक (नागलोक) में वास शुभ फलदायी होता है।

रक्षा बंधन का पवित्र पर्व भद्रा रहित काल में ही मनाना चाहिए ऐसा शास्त्रीय विधान है !

“भद्रायां द्वे न कर्त्तव्ये श्रावणी-फाल्गुनी वा ।
श्रावणी नृपं हन्ति ग्रामो दहति फाल्गुनी !!”

लेकिन सनातन हिन्दू शास्त्र के अनुसार यह त्यौहार 11 अगस्त 2022 को भद्रा काल में भी मनाया जा सकता है…
क्योकि….यह भद्रा पाताल लोक में रहेगी अतः यह भद्रा काल शुभ फल देने वाली होगी !

पहला प्रमाण.(1).संस्कृत ग्रन्थ पीयूषधारा में कहा गया है
“स्वर्गे भद्रा शुभं कुर्यात पाताले च धनागम ।
मृत्युलोक स्थिता भद्रा सर्व कार्य विनाशनी ।।
स्वर्ग की भद्रा शुभ होती हैं ,पाताल की भद्रा मे धन आगमन होता है,मृत्यु लोक की भद्रा सर्व कार्य विनाशी होती हैं

दूसरा प्रमाण.(2)…मुहूर्त मार्तण्ड में भी कहा गया है :—
“स्थिताभूर्लोख़्या भद्रा सदात्याज्या भवेति ।
स्वर्गपातालगा भद्रा सर्वथा शुभं भवेति।।
धरती स्थित भद्रा का सदा त्याग करना चाहिए, स्वर्ग और पाताल की भद्रा हमेशा ही शुभ होती हैं।
आमजन किसी भी अफवाह और आधी अधूरी जानकारी से भ्रमित ना हो, एवं पूर्ण उल्लास एवं आनंद के साथ सम्पूर्ण दिन का पर्व रक्षाबंधन मनाएं।

राखी बांधने का शुभ चौघड़ीया मुहूर्त 

( 1 ) चंचल = दोपहर 12:11 से 01:36 बजे तक
( 2 ) लाभ = दोपहर 01:37 से 03:12 बजे तक
( 3 ) अमृत= सायं 03:13 से 04:43 बजे तक
( 4 ) शुभ = सायं 06:13 से 08:15 बजे तक

चूँकि यह भद्रा मकर राशि में चन्द्रमा के स्थित होने के कारण पाताल लोक में रहेगी जो धन-धान्य का वृद्धि करने वाली शुभ भद्रा मानी जाती है !

– ज्यो.अभय चन्द्र व्यास
  बीकानेर राजस्थान

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