
मलेशिया में नौकरी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी
सीकर। जिले के कोतवाली थाना इलाके में मलेशिया में नौकरी लगवाने के नाम पर 2.4 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एजेंट द्वारा फर्जी वीजा बना कर दो युवकों को मलेशिया भेजा गयाा। जहां युवकों को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। 4 दिन बाद दोनों को वापस भारत भेज दिया गयाा। अब एजेंट ने भी पैसे देने से इंकार कर दिया। युवकों ने कोतवाली थाना में मामला दर्ज करवाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार के अंबेडकर नगर के रहने वाले मोहम्मद इमरान ने बताया कि उसकी मुलाकात एक परिचित के जरिए विदेश भेजने वाले एजेंट मोहम्मद विलायती हुसैन से हुई। जिसने इमरान और मोहम्मद रजाक को बताया कि मलेशिया में पैकिंग के काम को करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता है। वहां नौकरी लगने पर 30 हज़ार महीने की सैलरी मिलती है और रहने खाने की व्यवस्था कंपनी के द्वारा की जाती है। इसके बदले प्रति व्यक्ति 1.20 लाख रुपए लगेंगे। ऐसे में इमरान और रजाक झांसे में आ गए और ठग को 2.40 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद 17 सितंबर को इमरान, रजाक और उनके साथ चार लोगों को मलेशिया भेज दिया। लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया और उन्हें कहा कि उनका वीजा फर्जी है। और ना ही वहां किसी कंपनी को कोई प्रतिनिधि मिला। 4 दिन तक इन लोगों को एयरपोर्ट पर ही रखा गया। इन लोगों ने एजेंट से बात की तो उन्होंने एजेंट ने कहा कि मेरा कोई लेन-देन नहीं हैै। पैसे भी वापस नहीं मिलेंगे। फिर चाहे कोर्ट केस करो या पुलिस में जाओ।
4 दिन एयरपोर्ट रुकने के बाद अपने खर्चे पर सभी छह लोग भारत आ गए। एजेंट अब भी पैसे वापस नहीं दे रहा हैै। इमरान ने बताया कि रजाक और उसके अलावा 4 लोगों से मोहम्मद विलायती ने 5 लाख की ठगी की। फिलहाल पुलिस ने इमरान की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैै।




