
शरद पूर्णिमा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। धार्मिक दृष्टि से ये तिथि बेहद ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। टाइम्स ऑफ़ समाचार से खास बातचीत पर ज्योतिर्विद अभय चन्द्र व्यास ने बताया शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के सामान मानी जाती हैं।
यही वजह है कि इस दिन हर घर में खीर बनाई जाती है और रात में खुले आसमान के नीचे चांद की रोशनी में रखी जाती है, जिससे खीर में भी चांद रोशनी पड़े और इसमें भी अमृत का प्रभाव हो सके। शरद पूर्णिमा का व्रत मनोकामना पूर्ण करने वाला माना गया है। इस दिन पूजा के साथ कुछ उपाय करने से जीवन में खुशियां आती हैं। ज्योतिर्विद अभय व्यास ने शरद पूर्णिमा के उपायों के बारे में विस्तार से बताया है।
शरद पूर्णिमा 2022 शुभ मुहूर्त
शरद पूर्णिमा रविवार, 9 अक्टूबर 2022
शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय- 05:51 शाम
पूर्णिमा तिथि शुरू – 09 अक्टूबर, 2022 प्रातःकाल 03:41 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 10 अक्टूबर 2022 रात्री 02:24 बजे
कर्ज मुक्ति के लिए उपाय
कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी पूजन से कर्जों से मुक्ति मिलती है, इसलिए इसे कर्ज मुक्ति पूर्णिमा भी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस रात्रि को श्री सूक्त का पाठ, कनकधारा स्तोत्र, विष्णु सहस्त्रनाम का जाप और भगवान कृष्ण का मधुराष्टकं का पाठ कार्यों में सिद्धि दिलाता है।
मनोकामना पूर्ति के लिए उपाय
शरद पूर्णिमा के दिन सूर्यास्त के बाद मां महालक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही उन्हें लाल-पीले पुष्प चढ़ाएं और भोग लगाएं। साथ ही इस दिन मां लक्ष्मी को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं। कमलगट्टे या स्फटिक माले से “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।।” का जाप करें।
धन प्राप्ति के लिए उपाय
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को धन लाभ होता है। साथ ही शरद पूर्णिमा की रात में हनुमान जी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं।




