
जोधपुर। जिले के शेरगढ़ के भूंगरा में गुरुवार को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह भी तीन लोगों की माैत हो गई। मरने वालों में 1 महिला और 2 बच्चे हैं। ऐसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर 11 हो चुका है। इससे पहले शुक्रवार तक 8 मौत हो चुकी थी।
दरअसल, सुआ कंवर (60), पूनम (11) और सज्जन कंवर (10) की हालत गंभीर बताई जा रही थी। इस हादसे में सुआ कंवर 60 से 70%, सज्जन कंवर 80 से 90% और पूनम 80 से 90% तक झुलस चुकी थी। तीनों की हालात गंभीर थी। शुक्रवार सुबह तीनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक हुई मौतों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। 11 में से 7 बच्चे हैं।
अब तक इनकी मौत
चंद्रा कवंर (50), धापू कंवर (5), धापू कंवर (15), कंवरू कंवर (45), कवराज सिंह (16), प्रकाश (16), सज्जन कंवर (10), सुआ कंवर (60), पूनम (11) की अस्पताल में मौत हुई थी। जबकि दो बच्चों ने शेरगढ़ में ही दम तोड़ दिया था।
इधर, घायलों के बेहतर इलाज के लिए सीएम के निर्देश पर जयपुर से भी टीम के शनिवार को जोधपुर पहुंचने की संभावना है। इधर, शुक्रवार को जैसे ही मासूम बच्चों सगतसिंह के पौत्र रतनसिंह व उनके भाई हमीरसिंह की पौत्री खुशबू कंवर के शव वीरान घर के आंगन में पहुंचे तो हर किसी की आंखों में आंसू आ गए। माहौल गमगीन हो गया। इन दोनों मासूमों के परिजन अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं। अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके। न किसी अपनों का कांधा मिला। पड़ोसी गांव के लोग व दूर के रिश्तेदार आए और उन्हीं ने अंतिम संस्कार किया। फिर दो महिलाओं चन्द्र कंवर व कंवरू कंवर के शव पहुंच जाते हैं। फिर इनका अंतिम संस्कार किया।
गांव में जब एक अर्थियां निकली तो हर किसी की आंख में आंसू थे। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने कंधा दिया।
दूल्हे को तैयार करने आया दिलीप भी झुलसा
दूल्हे को तैयार करने आया दिलीप कुमार (27) भी हादसे में झुलस गया था। जिसकी हालात गंभीर बताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर शादी में फोटोग्राफी करने आए कवराज सिंह पुत्र मनोहर सिंह (20) की इलाज के दौरान मौत हो गई। दिलीप के परिवार के सदस्यों ने बताया कि चार महीने पहले ही दिलीप के बेटे का जन्म हुआ है। परिवार में पिता बीमारी है, परिवार के सदस्यों ने पिता को अभी तक नहीं बताया कि हादसे में वह गंभीर घायल है। डॉक्टरों का कहना है कि करीब 60-70 प्रतिशत तक झुलस गया है।
इधर हादसे के बाद घायलों का शहर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में घायलों का इलाज चल रहा है। यहां फिलहाल 47 पेशेंट का इलाज चल रहा है। इनमें से 10 पेशेंट की हालत काफी गंभीर है। जो 60 प्रतिशत तक जल चुके हैं। इनमें बच्चे और महिलाओं की संख्या ज्यादा है। वहीं 11 घायल 50 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। जबकि 29 पेशेंट की स्थिति अगले 48 घंटों में क्लियर हो पाएगी।
शादी का माहौल मातम में बदला। गांव से उठी अर्थियां।
अस्पताल अधीक्षक डॉ राजश्री बेहरा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए माकूल व्यवस्था की गई। फिलहाल अस्पताल के 4 वार्ड में 50 घायल एडमिट हैं। प्रत्येक वार्ड में क्लॉक वाइज डॉक्टरों की टीम लगाई गई है।
जिसमें एनएसथीसिया, पीडियाट्रिक और सर्जरी के दो-दो डॉक्टर भी शामिल हैं। कुल 24 डॉक्टर की टीम दिन-रात घायलों को बेहतर इलाज में जुटी है। इनमें सीनियर और जूनियर सहित रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल है। घायलों के इलाज के लिए स्टाफ भी बढ़ा दिया गया है।
इसी समारोह सिलेंडर फटने से हादसा हुआ था।
अस्पताल में कुल 4 में से प्रत्येक वार्ड में 10 नर्सिंग स्टाफ लगाए गए हैं। वहीं गंभीर घायल मरीजों के बेहतर इलाज के लिए आईसीयू में 30 नर्सिंग स्टाफ भी केयर के लिए लगाए गए हैं।
इधर शुक्रवार सुबह सबसे पहले रालोपा सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनिवाल ने हाॅस्पिटल का दौरा कर घायलों के इलाज के बारे में जानकारी ली। साथ ही राज्य सरकार से बेहतर इलाज और घायलों व मृतकों के परिजनों को विशेष सहायता राशि पैकेज की मांग भी की।
हादसे में जान गंवाने वाले कंवराज सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट।
इसके बाद सीएम अशोक गहलोत अस्पताल पहुंचे। सीएम ने अपने दौरे के दौरान अस्पताल में डाॅक्टर्स से घायलों के इलाज और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही अधीक्षक से अस्पताल में डॉक्टर और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अस्पताल में इलाज के लिए कोई कमी नहीं हो इसके लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
शुक्रवार दोपहर 3 बजे के करीब केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाॅस्पिटल का दौरा किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पीड़ितों को केंद्र सरकार से हर संभव मदद की बात कही। कहा पीएम रिलीफ फंड से भी मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो घायलों को एयरलिफ्ट करने में भी मदद करेंगे।




