
इलेक्ट्रोपेथी कोलेज ओर रिसर्च केंद्र का भी जल्द करेंगे शिलान्यास – प्रेम चंद बैरवा
बजाज नगर में बनेगा इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड का स्थाई कार्यालय, 1500 वर्गमीटर जमीन आवंटित : डॉ प्रेम चंद बैरवा
राजस्थान सरकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इलेक्ट्रोपैथी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध : डॉ प्रेम चंद बैरवा
जयपुर: रविवार, 24 अगस्त 2025 को राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी सभागार में इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ हेमंत सेठिया ने एक भव्य अभिनंदन समारोह और चिकित्सक सम्मेलन का आयोजन किया और प्रस्तावना में बताया कि कैसे 150 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद राजस्थान पहला राज्य है जंहा इलेक्ट्रोपेथी बोर्ड का गठन हो गया है। कुछ पेथी वाले हमारा झूंठा विरोध कर रहे हैं जबकि में पूरे विनम्र भाव से मंच से निवेदन करता हूँ कि विरोध वैज्ञानिक तरीके से दवा के परिणाम आधारित होना चाहिए। हमारी दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। हमारी दवा केवल मानव ही नही पशु एवम पेड़ पौधों के रोगों तक मे कारगर है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने इलेक्ट्रोपैथी के भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड के लिए गांधी नगर स्थित विधायक आवास में एक अस्थाई कार्यालय बनाने का ऐलान किया। इसके साथ ही, उन्होंने बजाज नगर में गांधी ग्रामोद्योग बोर्ड के पास 1500 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन पत्र इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. हेमंत सेठिया को सौंपा, जिससे स्थाई भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
इलेक्ट्रोपैथी को मिलेगा सरकारी सहयोग
उपमुख्यमंत्री माननीय डॉ. बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इलेक्ट्रोपैथी को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने शिक्षा और शोध में इस पद्धति को स्थान देने, इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और आम जनता तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर नागरिक को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
दस्तावेज़ का विमोचन और बोर्ड सदस्यों का सम्मान
इस कार्यक्रम में राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी की संघर्ष यात्रा पर एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया और साथ ही इलेक्ट्रोपैथी: संघर्ष से सिद्धि तक नामक पुस्तक का विमोचन भी हुआ। इस पुस्तक को डॉ. बैरवा ने इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों के त्याग, तप और संघर्ष का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष हमें मजबूत बनाता है और लक्ष्य तक पहुंचने की प्रेरणा देता है।
लगभग 400 इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड के सदस्यों का भी सम्मान किया गया।
अन्य गणमान्य व्यक्तियों के विचार
आयुर्वेद विभाग के निदेशक, श्री आनंद कुमार शर्मा ने राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, राजस्थान सरकार की ऑफिशल वेबसाइट का उद्घाटन माननीय उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. श्री प्रेमचंद बेरवा से करवाते हुए कहा कि अब जब इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड को कानूनी मान्यता मिल चुकी है, तो नियमों और मानकों को तेजी से बनाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि चूंकि राजस्थान इस पद्धति को मान्यता देने वाला पहला राज्य है, इसलिए यहां किए गए कार्य अन्य राज्यों के लिए एक मानक के रूप में काम करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आयुष विभाग के प्रमुख शासन सचिव, श्री सुबीर कुमार (IAS) ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिसंबर तक इस पद्धति को राज्य में पूरी तरह से स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रोपैथी सहित सभी चिकित्सा पद्धत्तियों के माध्यम से व्यक्ति को निरोगी बनाना है, ताकि ‘निरोगी राजस्थान’ का सपना साकार हो सके।
राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु अल्पना कटेजा जी ने उपमुख्यमंत्री जी से आग्रह किया कि इलेक्ट्रोपैथी का रिसर्च केंद्र हमारे विश्वविद्यालय में स्थापित करे। एवं आगामी समय में दो दिवसीय सेमिनार यहां पर आयोजित किया जाए।परिषद के सचिव गोविंद सैनी जी ने सभी अतिथियों।का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में बीकानेर इकाई के जिला सचिव ई डॉ सूरजभान जांगिड़, ई डॉ पवन दाधीच, ई डॉ विक्रम पुरोहित सहित राजस्थान के लगभग 300 से अधिक इलेक्ट्रॉपैथी चिकित्सक उपस्थित रहे।




