बीकानेर

सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव का अनुभव करवाने वाली होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति – देरामाराम जी

सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव का अनुभव करवाने वाली होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति – देरामाराम जी

बीकानेर। गंगाशहर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में 3 दिन से चल रहे विभागीय आचार्य सम्मेलन का समापन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्जवलन से प्रारम्भ हुआ।

इस अवसर पर मुख्यवक्ता अखिल भारतीय पर्यावरण संयोजक श्री देरामाराम बिश्नोई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षा नीति का उददेश्य विद्यार्थियो में देश की संस्कृति, परम्परा, वेश भूषा, विचारों के प्रति सम्मान बढ़ाना है। विद्या भारती की संकल्पना को शिक्षा नीति में जगह मिलना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि हमारे शास्त्रों की भ्रामक अवधारणा फैलाई गई जिसे सामूहिक प्रयासों से ठीक करना चाहिए। उन्होंने बताया भारतीय संस्कृति की जड़े इतनी गहरी थी कि कई आक्रांताओ के आक्रमण के बाद भी वे संस्कृति को नष्ट नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा के मायने बदलेगी ।

समापन अवसर पर विद्यालय व्यवस्था में लगे सभी सेवाकर्मियों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संघचालक श्री टेकचंद बरडिया ने सेवाकर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनकी विद्यालय निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका है जिसके लिए वे सम्मान के वास्तविक हकदार है। सभी ने व्यवस्थाओं में सहयोग हेतु उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की।

इस अवसर पर वर्ग के दौरान संपन्न बौद्धिक एवं शारीरिक प्रतियोगिता में विजेता बन्धुओं को मंचस्थ अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। वर्ग का प्रतिवेदन नागौर जिले के जिला सचिव श्री रामसिंह राठौड़ ने प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ग में कुल 392 प्रतिभागियों ने सहभाग किया जिसमें सेवाकर्मी, वाहन चालक आचार्य आचार्या शामिल रहे।

उन्हें आधारभूत विषय, सुलेख, स्पोकन, शिक्षण विषय, नो बैग डे की संकल्पना इत्यादि विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देकर वैचारिक स्पष्टता की गई। बीकानेर जिला सचिव प्रवीण कुमार शारदा ने आगन्तुक सभी आचार्य आचार्यो प्रबंध समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर प्रान्त के संरक्षक श्री नन्दकिशोर सोनी, जिला समिति कोषाध्यक्ष बनवारी लाल सैनी, स्थानीय समिति अध्यक्ष श्री मेघराज बोथरा, कोषाध्यक्ष जतनलाल संचेती, सेवा प्रमुख श्री मूलाराम थालोड, किश्मीदेसर व्यवस्थापक मेघराज टाक, मोहन लाल सिंघल, कन्हैयालाल सेठिया, RSS के विभाग प्रचारक विनायक जी विरेन्द्र सिंह जी, जिला संस्कार केन्द्र प्रमुख रामसुख लाल जी, मूलचंद जी तावणिया, आशीष जी डागा एवं समस्त प्रधानाचार्य एवं आचार्य गण उपस्थित रहे।

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