
-पं.अभयचंद्र व्यास
सावन का दूसरा सोमवार 25 जुलाई 2022 को है. इस दिन सावन का पहला प्रदोष व्रत भी है. दोनों ही तिथि शिव पूजा के लिए बहुत शुभ मानी जाती है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बनेगा, ज्योतिष के अनुसार जो लोग प्रदोष व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं वो इस संयोग में शुरू कर सकते है. मान्यता है कि इस व्रत में शिव जी और मां पार्वती की आराधना करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं. प्रदोष व्रत के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है.
25 जुलाई सोमवार को सावन का पहला प्रदोष व्रत है. इस दिन शश और हंस राजयोग के साथ ही बुधादित्य, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है. इस सावन सोम प्रदोष के दिन आप रावण विरचित शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और इससे धन वैभव की देवी माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं, वे भक्तों की दरिद्रता दूर करती हैं और उनके यश और धन में वृद्धि करती हैं.
सावन का पहला सोमवार प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में है। ये दोनों ही योग एक ही समय पर बन रहे हैं। 25 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग प्रात: 5 बजकर 38 मिनट से शुरू हो रहे हैं और देर रात 1 बजकर 06 मिनट पर समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में सावन माह, सोमवार दिन और प्रदोष व्रत तीनों एक साथ हों तो पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ऐसे बेहद अद्भुत संयोग में पूजा का पुण्य कई गुना अधिक शुभ फलदायी होता है।




